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विभाग दहावा : क ते काव्य

कर्माकर्मविचार -  कर्माकर्मविचार म्हणजे विवक्षित कृत्य नैतिक दृष्ट्या योग्य आहे किंवा अयोग्य आहे यासंबंधीं विचार अथवा व्यावहारिक नीति.  परंतु नीतिविषयक कल्पना वरचेवर बदलत असतात.  नीति म्हणजे एक तर्‍हेचा बाह्य वस्तूंवर अवलंबून असणारा धर्म अथवा कायदा अशी कल्पना एके वेळीं होती.  तर एका वेळीं नीति ही एक तर्‍हेची अंतःप्रेरणा किंवा मनःप्रवृत्ति होय, अशीहि कल्पना पुढें आलेली आहे व या दोन कल्पनांस अनुसरून कर्माकर्मविचाराची वाढ दोन दिशांनीं झाली आहे.  पहिल्या कल्पनेचे अभिमानी तर्कशास्त्र व शासन यांवर जोर देतात तर दुसर्‍या कल्पनेचे अभिमानी अंतःकरणप्रवृत्ति, सदसद्विवेकबुद्धि, युक्ति, भावना इत्यादिकांस महत्व देतात.

प्राथमिक अवस्थेंतील मनुष्यांच्या नीतिकल्पना धर्मापेक्षां वेगळ्या नव्हत्या.  व त्यांचा धर्म व उपासनासंप्रदाय यांतहि फारसा भेद नव्हता.  जी गोष्ट त्यांच्या उपास्यांस अप्रिय वाटेल अशी त्यांची कल्पना असे ती करणें ते पाप अथवा अकर्म समजतात.  पुढें ईश्वराच्या कांहीं विशिष्ट आज्ञा (उदाहरणार्थ वेद, यहुद्यांच्या दहा आज्ञा) असून त्यांच्याविरुद्ध वागणें म्हणजे अकर्म अशी कल्पना झाली.  व आर्यांमध्यें ' वेदोऽखिलो धर्ममूलम् ' हें तत्व प्रस्थापित झालें.  पुढें तर्कशास्त्रानुरोधानें या आज्ञांचा अर्थ करण्याचा प्रयत्‍न करीत असतां नीतिशास्त्रें व धर्मशास्त्रें उत्पन्न झालीं व निरनिराळे आचारनियम (उदाहरणार्थ अमुक पदार्थ अमुक दिवशीं खाऊं नये किंवा कमरपट्टा घालूं नये) तयार झाले.  याच्या उलट ग्रीसमध्यें धर्मग्रंथच नसल्यामुळें नीतीच्या कल्पना अगदीं निराळ्या तर्‍हेनें वाढीस लागल्या.  तेथें कर्तव्यकर्मास प्राधान्य देण्यांत आलें व तेथें नीतिविदांच्या पुढें, केव्हांहि खोटें बोलूं नये काय, वकिलानें दोषीं म्हणून ठाऊक असलेल्या पक्षकाराची तरफदारी करावी किंवा नाहीं, यासारखे प्रश्न येऊं लागले.  अशा वेळीं सिसरो, सेनेका यासारखे तत्ववेत्ते युक्तिवादास अनुसरूं लागले.  सिसरोनें आपल्या मुलास ' ऐकावें जनाचें व करावें मनाचें ' या तत्वाचा बोध केला आहे.  परंतु त्यावेळच्या तत्ववेत्यांस हें पटेना.  ते अशा वेळीं एका कर्तव्यापुढें दुसरें कर्तव्य उभें करून किंवा कर्तव्याविरुद्ध आत्महित ठेवून संशय उत्पन्न झालेल्या मनुष्यांस विशिष्ट गोष्ट केली असतां एक कर्तव्यभंग अथवा मूर्खपणा पदरांत येतो असें दाखवीत.  अर्थात अशा कोड्याकडे लोक फारसें लक्ष देत नसत.  रोमन लोकांत तर तात्विक विचार करणें म्हणजे कांहीं तरी गडबडगुंडा करणें अशी म्हणच पडली होती.

ख्रिस्ती तत्वज्ञानांत उद्देशास प्रामुख्य देण्यांत आलें.  चांगल्या बुद्धीनें केलेलें कोणतेंहि कर्म चांगलेंच अशी कांहीं ख्रिस्ती तत्ववेत्त्यांचीं विचारसरणी होती.  परंतु कांहीं कोत्या विचारांच्या मंडळीला केवळ मनःप्रवृत्ति अथवा उदात्त विचार हे निश्चित मार्गदर्शक होत असें वाटेना व याकरितां ते आचारनियमांकडेच जास्त लक्ष देत, व यामुळें नवे नवे आचारनियम अस्तित्वांत येऊं लागले.  व दोष व प्रायश्चित्तें यांच्या मोठमोठ्या लांबलचक याद्या बनल्या.  तसेंच पातकोच्चार करणें ही गोष्ट जी पूर्वी केवळ ऐच्छिक व क्षुल्लक समजली जात असे तीच पुढें फार महत्वाची बनली.  याविरुद्ध सुधारणा चळवळीनें खटपट करून पुन्हां वैयक्तिक सदसद्विवेक बुद्धीस महत्व दिलें.  रोमन कॅथोलिक लोकांनीं याविरुद्ध खटपट करून आपल्या बाजूस लोक मिळविण्याकरितां असें तत्व पुढें आणलें कीं, पापी मनुष्यानें पातकोच्चार केल्यावर उपाध्यायानें त्यास त्यापासून मुक्त केलेंच पाहिजे.  परंतु यामुळें कोणतेंहि पातक केलें असतां उपाध्यायापुढें त्याचा उच्चार केला असतां मोकळें होण्याचा सोपा उपाय सांपडल्यामुळें पातकी लोकांची आयतीच सोय झाली व प्रत्यक्ष समाजसुधारणा दूरच राहिली.  यानंतर अठराव्या शतकांत युक्तिवादास प्राधान्य मिळालें व जें मला चांगलें वाटतें तें चांगलें व वाईट वाटतें तें वाईट होय असल्या प्रकारची विचारसरणी प्रचलित झाली.  यानंतर नीतिशास्त्राची व मानसशास्त्राची वाढ होऊन 'मला हें बरोबर वाटतें' : ''मला तें असें वाटतें' अशा प्रकारच्या भाषेंत मनुष्याचे विचार प्रकट होऊं लागले आहेत व आप्‍तवाक्य व दृढ नियम यांस फांटा मिळत चालला आहे.  (वेद इ. बायबल; ग्रीक तत्ववेत्यांचे ग्रंथ)

   

खंड १० : क - काव्य  

 

  कंक

  कंकनहळळी

  कंकर
  ककुत्स्थ
  ककुर
  कंकोळ
  कक्कलन
  कंक्राळा
  कंक्राळा किल्ला
  कॅक्स्टन
  कग्नेली
  कच
  कंचिनेग्लुर
  कचिवि
  कचेरा
  कचेश्वर
  कचोरा
  कच्छ
  कच्छचें रण
  कच्छी
  कच्छी बडोदे
  कच्छी मेमन
  कंजर
  कंजरडा
  कंजामलाय
  कॅझेंबे
  कटक
  कँटन
  कटनी
  कँटरबरी
  कटास
  कटोसन
  कट्टगेरी
  कट्रा
  कठा
  कठुमर
  कठोडिया
  कडधान्यें
  कडान
  कडाप्पा
  कडा-लिंगी
  कडाळी
  कडिया
  कँडिया
  कडी
  कँडी
  कडुर
  कडुस
  कडूस
  कडूजिरें
  कडूनिंब
  कडेगांव
  कडेपुर
  कंडेरा
  कडैयनलूर
  कडोळी
  कडौरा
  कणाद
  कणावार
  कणिक
  कणियान
  कणेथी
  कणेर
  कण्णेश्वर
  कण्व
  कण्वल्ली
  कण्विसिद्गेरी
  कण्हेर
  कण्हेर किल्ला
  कण्हेर खेड
  कतारिया
  कथील
  कॅथे
  कॅथेराइन
  कदन
  कदंब आणि कादंब
  कदम इंद्रोजी
  कदम कंठाजी
  कदरमंदलगी
  कंदाहार
  कंदियारो
  कंदुकुर
  कदुपत्तन
  कद्रा
  कद्रु
  कंधकोट
  कंधार
  कनक
  कनकफळ 
  कनकमुनि
  कनक्कन
  कनखल
  कॅनन व कॅननाइट
  कनमडी
  कनि
  कॅनि
  कॅनिआ
  कॅनिंगपोर्ट
  कॅनिझारो स्टानिस्लास
  कॅनि
  कनेत
  कनोजचें राज्य
  कनोरा
  कॅनोव्हास
  कनौंग
  कन्नड
  कन्फ्युशिअस
  कन्याकुमारी
  कन्यागत
  कन्सस
  कन्हरगांव जमीनदारी
  कन्होली
  कपडवंज
  कंपनी
  कॅपरनेअम
  कंपली
  कॅपाडोशिआ
  कपालक्रिया
  कपिल
  कपिलमुनि
  कपिलर
  कपिलवस्तु
  कपिलाषष्ठी
  कपिली नदी
  कॅपुआ
  कपुरथळा
  कॅपो
  कपोक
  कॅप्रीव्ही
  कफ
  कबंध
  कंबर
  कबीर
  कबीरपंथी
  कबीर-वट
  कबीरवाल
  कंबोडिया
  कब्बालदुर्ग
  कब्बालिगर
  कंब्राय
  कमधिया
  कमरुद्दीनखान
  कमल
  कमलगड
  कमलगड किल्ला
  कमलाकर
  कमलाकरभट्ट
  कमा
  कमातापूर
  कमार
  कमाल
  कमालपुर
  कमासिन
  कमुदी
  कॅमेरिनो
  कमैंग
  कम्मा
  कम्माल
  कय्यट
  कर
  करकंब
  करकुंब
  करछना
  करंज
  करंजगांव
  करजगी
  करटोली
  करण
  करणकमलमार्तंड
  करणगड
  करणपाली
  करणप्रकाश
  करणवाघेला
  करणोत्तम
  करतोया
  करनाली
  करबला
  करमगड
  करमाळें
  करवंद
  करवली
  करहल
  कॅराकस
  कराची
  कराडी
  करार
  करारी
  कराष्टमी
  कॅरिअन
  करिआन
  कॅरिबी बेटें
  कॅरिसब्रूक
  करीमखान
  करीमगंज
  करीमनगर
  करुंगुळी
  करूर
  कॅरे, हेनरी चार्लस
  करेण
  करेण्णी
  करैया
  करोड
  करोर लाल इसा
  कर्कवॉल
  कर्कोट
  कर्ज
  कर्जत
  कर्डी
  कर्डे
  कर्ण
  कर्णक
  कर्णप्रयाग
  कर्णप्रावरण
  कर्णफुली
  कर्णभूषणें
  कर्णराज
  कर्णसुवर्ण
  कर्णाटक
  कर्तारपूर
  कर्दम
  कर्नलगंज
  कर्नाळ
  कर्नाळा किल्ला
  कर्नाळी
  कर्नूल
  कर्नूल-कडाप्पा कालवा
  कर्ब
  कर्मद
  कर्मनाशा
  कर्ममार्ग
  कर्मयोग
  कर्मवाद
  कर्माकर्मविचार
  कर्मान
  कर्वट
  कर्‍हाड
  कर्‍हेपठार
  कलइत
  कलकत्ता
  कलंकी
  कलंगा
  कलंगा डोंगर
  कलगीतुरा
  कलघटगी
  कलचुरी
  कलथ-थलइ
  कलदन
  कलबगूर
  कलबुर्गे
  कलम
  कलमदाने
  कलमाडु
  कलमेश्वर
  कलरायण डोंगर
  कलले
  कलश
  कलसिया
  कलहंडी
  कलहारि
  कला
  कलात
  कलात-इ-घिलझई
  कलादगी
  कॅलामेटा
  कलाल
  कलावंत
  कलावंतखातें
  कलि
  कलिंग
  कलिंगड
  कलिंगपट्टम
  कलित
  कलियुग
  कलियुगवर्ष
  कलुगुमलइ
  कलुशा
  कॅले
  कलेवल
  कलेवा टाउनशिप
  कल्पना
  कल्पनासाहचर्य
  कल्पसूत्रें
  कल्माषपाद
  कल्याण
  कल्याणगोसावी
  कल्याणद्रुग
  कल्याणपुर
  कल्याणमल्ल
  कल्याणी
  कल्लाकुर्चि
  कल्लादनार
  कल्लार
  कल्लोळ
  कल्वकुर्ती
  कॅल्व्हिन जॉन
  कल्हण
  कवकरीक
  कवचधरवर्ग
  कवठ
  कवध
  कवनाई किल्ला
  कवराई
  कवर्धा
  कवलापूर
  कवलिन
  कवष
  कवार अथवा कंवर
  कवि
  कविजंग
  कविरोंडो
  कॅव्हेंडिश हेनरी
  कश्यप
  कंस
  कसबा
  कसबी
  कॅसलबार
  कॅसलरॉक
  कसाई
  कसाईखाना
  कॅसांब्लाका
  कसेई
  कसौली
  कॅस्टेलर ई रिपोल एमिलिओ
  कस्तुरी व कस्तुरीमृग
  कहरोर
  कहळूर
  कहार
  कहूत
  कहोळ
  कळंब
  कळंबेश्वर
  कळम
  कळमनूरी
  कळवण
  कळस
  कळसा
  कळसूबाई
  कळसूत्री बाहुल्या
  कळानौर
  कळ्ळिकोटा आणि अंतगड
  कळ्ळूर
  काकडशिंगी
  कांकडी
  काकतीय
  काकर
  काकसि आली
  कांकेर
  कॉकेशस पर्वत
  काकोरी
  कांक्रेज
  कांक्रोली
  काखंडकी
  कागद
  कागवाड
  कागल
  कागान अथवा खागान
  कांगारू
  कागिरी
  कांगो
  कांगो फ्रीस्टेट
  काग्निआर्ड डी लाटोअर, चार्लस
  कांग्रा
  काँग्रीव्ह विल्यम
  कांच
  कांचकागद
  कांचन
  कांचनगंगा
  कांचना किल्ला
  काचार
  काचिन
  काची
  कांचुलिया
  कांचोळा
  काजवा
  कांजिण्या
  कांजीवरम्
  काजू
  कॉटन सर हेन्री
  काटमांडू
  काटवा
  काटोडिया
  काटोल
  काठी लोक
  काठेवाड
  काठेवाडी
  काठोर
  कांडू
  काण्व घराणें
  काण्वशाखा
  कात
  कातकरी
  कांतकाम
  कातडीं
  कांतनगड
  कातांगा
  कातारी
  कांतिगेल
  कातिया
  कात्यायन
  कांत्रा किल्ला
  कांथकोट
  काथगोदाम
  काथर वाणी
  काथारिया
  काथौन
  काथ्रोटा
  कादंब कवि
  कादंबरी
  कादंबरी, बाणभट्टीय
  कांदलूर
  कांदा
  कादिर
  कादिराबाद
  कादिरि
  कादीपुर
  कांदी संस्थान
  कादोद
  काद्रोली
  कांधळा
  कानगी
  कानगुंडी
  कानडा
  कानडा उत्तर
  कानडा दक्षिण
  कानडी वाङ्‌मय
  कानपूर
  कानफाटे
  कानमैल
  कानलदे
  कॉनवे
  कानाचे रोग
  कानानोर
  कानिकर
  कानिगिरी
  कानीफनाथ
  कानोर
  कानौद
  कान्ट इम्यान्युएल
  कान्टन जॉन
  कान्यकुब्ज
  कान्स्टंटा
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  कॉन्स्टन्स
  कान्स्टन्स
  कान्स्टान्टिनोपल
  कान्हिरा किल्ला
  कान्हीरा खेडें
  कान्हेरी
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  कान्होजी भोंसले
  कान्हो पाठक
  कान्होपात्रा
  काप
  कापडवंज
  कापशी
  कापालिक
  कांपिली
  कांपिल्य
  कापुसतळणी
  कापू
  कापूर
  कापूस
  काँपेन
  कॉप्ट
  काफा
  काफिरकोट
  काफिरलोक
  काफिरिस्तान
  कॉफी
  काफीखान
  काफ्रारिया
  काबरा
  काबूर
  काबूल
  काबूल नदी
  काबूल नदीचा कालवा
  कांबोज
  कांबोह
  काम, कामदेव
  कामकार
  कामगारहितवर्धक सभा
  कामटा-राजौला
  कामटी शहर
  कामठा
  कामठी
  कामतीलांग
  कामद
  कामंदक
  कामधेनु
  कामन
  कामबक्ष
  कामरगांव
  कामरान
  कामरूप
  कामरेज
  कामली
  कामशास्त्र
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  कामाख्य अथवा कामाक्षी
  कामाठी
  कामारेड्डीपेठ
  कामार्‍हाटी
  कामालिया
  कामेरालिझम
  कामेरून
  काम्यकवन
  कायगावकर
  कायदा
  कायनकुलम
  कायर
  कायल
  कायलपट्टणम्
  कायस्थ
  काये
  कायेनी
  कारकळ
  कारंजा
  कारडगी
  कारडी
  कारडोना
  कारलें
  कारवान
  कारवार
  कारवाल, करौल
  कारवी
  कारस्कर
  काराकुल
  काराकोरम
  कारामुंगी
  कारिकल
  कॉरिन्थ
  कॉरेली, मेरी
  कारेवक्कल
  कारैकुडी
  कारोमान्डल किनारा
  कॉर्क
  कार्डिफ
  कार्तवीर्य
  कार्तागो
  कार्तिकस्वामी
  कार्थेज
  कॉर्नवालीस
  कार्नू मेरी आलेरे
  कॉर्नेजी अॅंड्रयू
  कार्नो, सादी निकोलस लिओनार्ड
  कार्पेथियन पर्वत
  कार्लस्क्रोना
  कार्लस्टाट
  कार्लाइल
  कार्लाइल टॉमस
  कार्लें
  कार्वेटिनगर
  कालकेय
  कालगणना
  कालंदर
  कालना
  कालनेमी
  कालमक
  कालयवन
  कालरा
  कालवे
  कालसी
  कालसेडान
  कालहस्ती
  कालाटिआ
  कालिकत
  कालिकापुराण
  कालिंगी
  कालिंजर
  कालिंजी, कालिंगी
  कालिदास
  कालिंदी
  कालिंदी नदी
  कालिंपोंग
  कालिमिर
  कालिया
  काली
  कालीघाट
  काली फ्लॉवर
  काले
  कालोल
  काल्का
  काल्पी
  कावळा
  कावळी
  कावीळ
  कावेरी
  कावेरीपट्टणम
  कावेरीपाक
  कावेल्ली व्यंकट बोरय्या
   काव्य
   

यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान निर्मित महत्वपूर्ण संकेतस्थळे  

   

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