प्रस्तावना खंड  

   

सूची खंड  

   
Banners
   

अक्षरानुक्रम (Alphabetical)

   

विभाग दहावा : क ते काव्य

कपिलवस्तु - बुद्ध (गौतम शाक्यमुनि) यांचे पिढीजाद ठिकाण म्हणून हें बौद्धपुराणांतून प्रसिद्ध आहे.  कपिलरस्तु-नगराच्या स्थापनेसंबंधीं निरनिराळ्या कथा आढळतात.  (वाटर्सचा कपिलवस्तु इन् दि बुद्धिस्ट बुक्स हा जे आर. ए. एस. १८९८ मधील लेख पहा).  या नगराचें बुद्धाच्या वेळचें वैभव व शुद्धोदन राजाचा येथला अलौकिक दरबार यांचें वर्णन ललितविस्तरादि ग्रंथांत दिलें आहे.  पण या कथा खर्‍या दिसत नाहींत.  कारण बुद्ध किंवा त्याचा बाप राजा होता कीं, नाहीं व त्याचें अद्‍भुतरम्य चरित्र कितपत विश्वसनीय आहे याबद्दल अद्याप निर्णय लागलेला नाहीं.  अशोकानंतर कपिलवस्तूला तेथील स्तूप व मठ यांमुळें मोठें धार्मिक महत्त्व प्राप्‍त झालें असावें.  त्यापूर्वी हें शहर लहान व भिकारडें असल्याबद्दल वाटर्सनें आधाराला घेतलेल्या कांहीं बौद्धग्रंथांत पुरावे मिळतात.

बौद्धचरित्रांत कपिलवस्तूला फारसें महत्त्व नसून त्याच्या पूर्वेस कांहीं मैलांवर असणार्‍या लुंबिनी वनराईला आहे.  या राईंतल्या एका झाडाखालीं गौतमाची आई उभी असतां तो तिच्या उजव्या कुशीतून बाहेर पडला.  गौतम विरक्त होऊन राजवाड्याबाहेर पडला तेव्हां कपिलवस्तूची नगरदेवता त्याच्या जाण्याबद्दल दुःख करूं लागली.  बोधि वृक्षाखालीं गौतमाला ज्ञान प्राप्‍त झाल्यानंतर दोनदां तो कपिलवस्तूंत आपल्या आप्तेष्टांनां भेटण्यास आला होता.  विडूडभ (उर्फ विरूढक) राजानें या नगराच्या लोकांनां मारून बाहेर घालवून दिल्यावर गौतमाला फार वाईट वाटलें व पुन्हां या नगरीचें तोंड पहाणार नाहीं अशी त्यानें प्रतिज्ञा केली, यासारख्या अनेक खर्‍याखोट्या गोष्टी पुराणांतून आढळतात.  बुद्धानंतर कपिलवस्तूला कधींच उर्जितावस्था आली नाहीं.  इ.स. ५ व्या शतकांत हें गांव व आसपासचा प्रदेश ओसाड व निर्जन असल्याची माहिती मिळते.  १८९८ त टिलौराकोटच्या उत्तरेस दोन मैलांवर असलेल्या सागरवा गांवीं सतरा लहान स्तूपांचा समुदाय ए. फूहरेरला आढळला.  विडूडभ राजानें शाक्याची जेथें कत्तल केली तें हें ठिकाण असावें.  शाक्यांच्या काळीं कपिलवस्तूचा मुलूख कोसल (अर्वाचीन अयोध्या) राज्यांत गणला जात असावा.  ग्रंथातून कपिलवस्तूच्या मुलुखांत अनेक शहरें व खेडीं निर्देशिलेलीं आहेत, पण तीं सर्व कधींच नष्ट झाल्यानें त्यांचा मागमूसहि आज नाहीं.  इ.स. पू. २४९ च्या सुमारास अशोकानें बुद्धसहवासानें पवित्र झालेल्या ठिकाणांची यात्रा केली.  प्रथम तो बुद्ध जन्मस्थान जें लुंबिनी तेथें गेला.  तेथून तो कपिलवस्तूला गेला.  याची खूण हल्लीं निगाली तळ्याजवळ पडलेला लेखांकित स्तंभ होय.  अशोकाची ही यात्रा सविस्तर वर्णन करणार्‍या अशोकावदानांत या स्थळासंबंधी बर्‍याच कथा आहेत.  यानंतर ६५० वर्षांनीं पहिला चिनी प्रवासी फा-हियान येथें येऊन गेला.  त्यानें दिलेलें या शहराचें वर्णन पहिलेंच विश्वासनीय वर्णन म्हणतां येईल.  त्याला ही जागा अत्यंत ओसाड दिसून आली.  हाच अनुभव त्याच्या मागून गेलेल्या ह्युएनत्संगाला आला.  इ.स. ६३६ च्या सुमारास ह्युएनत्संगानें या स्थळाचें मोठ्या बारकाईनें अवलोकन केलें.  फा-हियान व ह्युएनत्संग यांनीं या भागांतील दोन निरनिराळीं स्थळें कपिलवस्तु या कल्पनेनें पाहिल्यामुळें त्यांची वर्णनें जमत नाहींत हें साहजिकच होय.  व्हिन्सेंट स्मिथच्या मतें फा-हियानचें कपिलवस्तु म्हणजे सध्याचा पिप्रावा येथील अवशेष समूह; व टिलौराकोट आणि आसपासचे अवशेष हें ह्युएनत्संगाचें कपिलवस्तु होय.  या दोन स्थळांमध्यें अजमासें १० मैलांचं अंतर आहे.

कपिलवस्तु नक्की कोठें होतें हें सांगणें कठिण आहे.  पण हल्लीं लुंबिनीचा शोध लागल्यानें त्याच्या आसपास असणार्‍या या शहराचा साधारण शोध लागला असें म्हणण्यास हरकत नाहीं.  रुम्मिन (लुंबिनी) देवीचें ठिकाण ब्रिटिश हद्दींतल्या बस्ती जिल्ह्यांतील दुल्हा गांवापासून सहा मैलांवर असलेल्या नेपाळी तरांईत आहे.  बी. ऍंड एन. डब्ल्यू. रेल्वेच्या ह्या एका फाट्यांवरील उस्का स्टेशन लुंबिनीला जवळचें आहे.  अजमासें उ.अ. २७ २९' व पू. रे. ८३ २०' यांवर हें स्थान आहे.  (संदर्भग्रंथ - लेग्गे - ट्रॅव्हल्स ऑफ फा-हियान; ए रेकॉर्ड ऑफ बुद्धिस्टिक किंगडम्स, ऑक्सफोर्ड १८८६; पी. सी. मुकर्जी आणि व्ही. ए. स्मिथ - अॅंटिक्विटीज इन् दि तराई; नेपाल, दि रीजन ऑफ कपिलवस्तु.  जे. आर. ए. एस. १८९८, १८९९, १९०५, १९०६ इ.)

   

खंड १० : क - काव्य  

 

  कंक

  कंकनहळळी

  कंकर
  ककुत्स्थ
  ककुर
  कंकोळ
  कक्कलन
  कंक्राळा
  कंक्राळा किल्ला
  कॅक्स्टन
  कग्नेली
  कच
  कंचिनेग्लुर
  कचिवि
  कचेरा
  कचेश्वर
  कचोरा
  कच्छ
  कच्छचें रण
  कच्छी
  कच्छी बडोदे
  कच्छी मेमन
  कंजर
  कंजरडा
  कंजामलाय
  कॅझेंबे
  कटक
  कँटन
  कटनी
  कँटरबरी
  कटास
  कटोसन
  कट्टगेरी
  कट्रा
  कठा
  कठुमर
  कठोडिया
  कडधान्यें
  कडान
  कडाप्पा
  कडा-लिंगी
  कडाळी
  कडिया
  कँडिया
  कडी
  कँडी
  कडुर
  कडुस
  कडूस
  कडूजिरें
  कडूनिंब
  कडेगांव
  कडेपुर
  कंडेरा
  कडैयनलूर
  कडोळी
  कडौरा
  कणाद
  कणावार
  कणिक
  कणियान
  कणेथी
  कणेर
  कण्णेश्वर
  कण्व
  कण्वल्ली
  कण्विसिद्गेरी
  कण्हेर
  कण्हेर किल्ला
  कण्हेर खेड
  कतारिया
  कथील
  कॅथे
  कॅथेराइन
  कदन
  कदंब आणि कादंब
  कदम इंद्रोजी
  कदम कंठाजी
  कदरमंदलगी
  कंदाहार
  कंदियारो
  कंदुकुर
  कदुपत्तन
  कद्रा
  कद्रु
  कंधकोट
  कंधार
  कनक
  कनकफळ 
  कनकमुनि
  कनक्कन
  कनखल
  कॅनन व कॅननाइट
  कनमडी
  कनि
  कॅनि
  कॅनिआ
  कॅनिंगपोर्ट
  कॅनिझारो स्टानिस्लास
  कॅनि
  कनेत
  कनोजचें राज्य
  कनोरा
  कॅनोव्हास
  कनौंग
  कन्नड
  कन्फ्युशिअस
  कन्याकुमारी
  कन्यागत
  कन्सस
  कन्हरगांव जमीनदारी
  कन्होली
  कपडवंज
  कंपनी
  कॅपरनेअम
  कंपली
  कॅपाडोशिआ
  कपालक्रिया
  कपिल
  कपिलमुनि
  कपिलर
  कपिलवस्तु
  कपिलाषष्ठी
  कपिली नदी
  कॅपुआ
  कपुरथळा
  कॅपो
  कपोक
  कॅप्रीव्ही
  कफ
  कबंध
  कंबर
  कबीर
  कबीरपंथी
  कबीर-वट
  कबीरवाल
  कंबोडिया
  कब्बालदुर्ग
  कब्बालिगर
  कंब्राय
  कमधिया
  कमरुद्दीनखान
  कमल
  कमलगड
  कमलगड किल्ला
  कमलाकर
  कमलाकरभट्ट
  कमा
  कमातापूर
  कमार
  कमाल
  कमालपुर
  कमासिन
  कमुदी
  कॅमेरिनो
  कमैंग
  कम्मा
  कम्माल
  कय्यट
  कर
  करकंब
  करकुंब
  करछना
  करंज
  करंजगांव
  करजगी
  करटोली
  करण
  करणकमलमार्तंड
  करणगड
  करणपाली
  करणप्रकाश
  करणवाघेला
  करणोत्तम
  करतोया
  करनाली
  करबला
  करमगड
  करमाळें
  करवंद
  करवली
  करहल
  कॅराकस
  कराची
  कराडी
  करार
  करारी
  कराष्टमी
  कॅरिअन
  करिआन
  कॅरिबी बेटें
  कॅरिसब्रूक
  करीमखान
  करीमगंज
  करीमनगर
  करुंगुळी
  करूर
  कॅरे, हेनरी चार्लस
  करेण
  करेण्णी
  करैया
  करोड
  करोर लाल इसा
  कर्कवॉल
  कर्कोट
  कर्ज
  कर्जत
  कर्डी
  कर्डे
  कर्ण
  कर्णक
  कर्णप्रयाग
  कर्णप्रावरण
  कर्णफुली
  कर्णभूषणें
  कर्णराज
  कर्णसुवर्ण
  कर्णाटक
  कर्तारपूर
  कर्दम
  कर्नलगंज
  कर्नाळ
  कर्नाळा किल्ला
  कर्नाळी
  कर्नूल
  कर्नूल-कडाप्पा कालवा
  कर्ब
  कर्मद
  कर्मनाशा
  कर्ममार्ग
  कर्मयोग
  कर्मवाद
  कर्माकर्मविचार
  कर्मान
  कर्वट
  कर्‍हाड
  कर्‍हेपठार
  कलइत
  कलकत्ता
  कलंकी
  कलंगा
  कलंगा डोंगर
  कलगीतुरा
  कलघटगी
  कलचुरी
  कलथ-थलइ
  कलदन
  कलबगूर
  कलबुर्गे
  कलम
  कलमदाने
  कलमाडु
  कलमेश्वर
  कलरायण डोंगर
  कलले
  कलश
  कलसिया
  कलहंडी
  कलहारि
  कला
  कलात
  कलात-इ-घिलझई
  कलादगी
  कॅलामेटा
  कलाल
  कलावंत
  कलावंतखातें
  कलि
  कलिंग
  कलिंगड
  कलिंगपट्टम
  कलित
  कलियुग
  कलियुगवर्ष
  कलुगुमलइ
  कलुशा
  कॅले
  कलेवल
  कलेवा टाउनशिप
  कल्पना
  कल्पनासाहचर्य
  कल्पसूत्रें
  कल्माषपाद
  कल्याण
  कल्याणगोसावी
  कल्याणद्रुग
  कल्याणपुर
  कल्याणमल्ल
  कल्याणी
  कल्लाकुर्चि
  कल्लादनार
  कल्लार
  कल्लोळ
  कल्वकुर्ती
  कॅल्व्हिन जॉन
  कल्हण
  कवकरीक
  कवचधरवर्ग
  कवठ
  कवध
  कवनाई किल्ला
  कवराई
  कवर्धा
  कवलापूर
  कवलिन
  कवष
  कवार अथवा कंवर
  कवि
  कविजंग
  कविरोंडो
  कॅव्हेंडिश हेनरी
  कश्यप
  कंस
  कसबा
  कसबी
  कॅसलबार
  कॅसलरॉक
  कसाई
  कसाईखाना
  कॅसांब्लाका
  कसेई
  कसौली
  कॅस्टेलर ई रिपोल एमिलिओ
  कस्तुरी व कस्तुरीमृग
  कहरोर
  कहळूर
  कहार
  कहूत
  कहोळ
  कळंब
  कळंबेश्वर
  कळम
  कळमनूरी
  कळवण
  कळस
  कळसा
  कळसूबाई
  कळसूत्री बाहुल्या
  कळानौर
  कळ्ळिकोटा आणि अंतगड
  कळ्ळूर
  काकडशिंगी
  कांकडी
  काकतीय
  काकर
  काकसि आली
  कांकेर
  कॉकेशस पर्वत
  काकोरी
  कांक्रेज
  कांक्रोली
  काखंडकी
  कागद
  कागवाड
  कागल
  कागान अथवा खागान
  कांगारू
  कागिरी
  कांगो
  कांगो फ्रीस्टेट
  काग्निआर्ड डी लाटोअर, चार्लस
  कांग्रा
  काँग्रीव्ह विल्यम
  कांच
  कांचकागद
  कांचन
  कांचनगंगा
  कांचना किल्ला
  काचार
  काचिन
  काची
  कांचुलिया
  कांचोळा
  काजवा
  कांजिण्या
  कांजीवरम्
  काजू
  कॉटन सर हेन्री
  काटमांडू
  काटवा
  काटोडिया
  काटोल
  काठी लोक
  काठेवाड
  काठेवाडी
  काठोर
  कांडू
  काण्व घराणें
  काण्वशाखा
  कात
  कातकरी
  कांतकाम
  कातडीं
  कांतनगड
  कातांगा
  कातारी
  कांतिगेल
  कातिया
  कात्यायन
  कांत्रा किल्ला
  कांथकोट
  काथगोदाम
  काथर वाणी
  काथारिया
  काथौन
  काथ्रोटा
  कादंब कवि
  कादंबरी
  कादंबरी, बाणभट्टीय
  कांदलूर
  कांदा
  कादिर
  कादिराबाद
  कादिरि
  कादीपुर
  कांदी संस्थान
  कादोद
  काद्रोली
  कांधळा
  कानगी
  कानगुंडी
  कानडा
  कानडा उत्तर
  कानडा दक्षिण
  कानडी वाङ्‌मय
  कानपूर
  कानफाटे
  कानमैल
  कानलदे
  कॉनवे
  कानाचे रोग
  कानानोर
  कानिकर
  कानिगिरी
  कानीफनाथ
  कानोर
  कानौद
  कान्ट इम्यान्युएल
  कान्टन जॉन
  कान्यकुब्ज
  कान्स्टंटा
  कॉन्स्टन्टाईन
  कान्स्टन्टाईन दि ग्रेट
  कॉन्स्टन्स
  कान्स्टन्स
  कान्स्टान्टिनोपल
  कान्हिरा किल्ला
  कान्हीरा खेडें
  कान्हेरी
  कान्होजी आंग्रे
  कान्होजी भोंसले
  कान्हो पाठक
  कान्होपात्रा
  काप
  कापडवंज
  कापशी
  कापालिक
  कांपिली
  कांपिल्य
  कापुसतळणी
  कापू
  कापूर
  कापूस
  काँपेन
  कॉप्ट
  काफा
  काफिरकोट
  काफिरलोक
  काफिरिस्तान
  कॉफी
  काफीखान
  काफ्रारिया
  काबरा
  काबूर
  काबूल
  काबूल नदी
  काबूल नदीचा कालवा
  कांबोज
  कांबोह
  काम, कामदेव
  कामकार
  कामगारहितवर्धक सभा
  कामटा-राजौला
  कामटी शहर
  कामठा
  कामठी
  कामतीलांग
  कामद
  कामंदक
  कामधेनु
  कामन
  कामबक्ष
  कामरगांव
  कामरान
  कामरूप
  कामरेज
  कामली
  कामशास्त्र
  कामश्चाटका
  कामाख्य अथवा कामाक्षी
  कामाठी
  कामारेड्डीपेठ
  कामार्‍हाटी
  कामालिया
  कामेरालिझम
  कामेरून
  काम्यकवन
  कायगावकर
  कायदा
  कायनकुलम
  कायर
  कायल
  कायलपट्टणम्
  कायस्थ
  काये
  कायेनी
  कारकळ
  कारंजा
  कारडगी
  कारडी
  कारडोना
  कारलें
  कारवान
  कारवार
  कारवाल, करौल
  कारवी
  कारस्कर
  काराकुल
  काराकोरम
  कारामुंगी
  कारिकल
  कॉरिन्थ
  कॉरेली, मेरी
  कारेवक्कल
  कारैकुडी
  कारोमान्डल किनारा
  कॉर्क
  कार्डिफ
  कार्तवीर्य
  कार्तागो
  कार्तिकस्वामी
  कार्थेज
  कॉर्नवालीस
  कार्नू मेरी आलेरे
  कॉर्नेजी अॅंड्रयू
  कार्नो, सादी निकोलस लिओनार्ड
  कार्पेथियन पर्वत
  कार्लस्क्रोना
  कार्लस्टाट
  कार्लाइल
  कार्लाइल टॉमस
  कार्लें
  कार्वेटिनगर
  कालकेय
  कालगणना
  कालंदर
  कालना
  कालनेमी
  कालमक
  कालयवन
  कालरा
  कालवे
  कालसी
  कालसेडान
  कालहस्ती
  कालाटिआ
  कालिकत
  कालिकापुराण
  कालिंगी
  कालिंजर
  कालिंजी, कालिंगी
  कालिदास
  कालिंदी
  कालिंदी नदी
  कालिंपोंग
  कालिमिर
  कालिया
  काली
  कालीघाट
  काली फ्लॉवर
  काले
  कालोल
  काल्का
  काल्पी
  कावळा
  कावळी
  कावीळ
  कावेरी
  कावेरीपट्टणम
  कावेरीपाक
  कावेल्ली व्यंकट बोरय्या
   काव्य
   

यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान निर्मित महत्वपूर्ण संकेतस्थळे  

   

पुजासॉफ्ट, मुंबई द्वारा निर्मित
कॉपीराइट © २०१२ --- यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान, मुंबई - सर्व हक्क सुरक्षित .